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मजदूरी के लिए देश भर के मनरेगा कर्मी 21 से 23 सितंबर तक हड़ताल पर, अपने हक की आवाज उठाने दिल्ली में जुटे



देश भर के मनरेगा कर्मचारी 21 से 23 सितंबर तक केंद्र सरकार से अपना हक वापस लेने के लिए हड़ताल पर हैं। देश भर से सैकड़ों मनरेगा मजदूर पर्याप्त फंडिंग, समय पर वेतन भुगतान और अन्य मांगों को लेकर पीएम मोदी को ज्ञापन देने के लिए कई राज्यों से चलकर राजधानी दिल्ली में जुटे हैं।

नरेगा संघर्ष मोर्चा ने एक बयान में कहा, “21-23 सितंबर तक देश भर के नरेगा कार्यकर्ता अपने मुद्दे उठाने और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देने के लिए जुटे हैं। इसका नेतृत्व नरेगा संघर्ष मोर्चा (एनएसएम) द्वारा किया जा रहा है, जो पूरे देश में नरेगा मजदूरों के साथ काम करने वाले समूहों का एक समूह है।”

नरेगा संघर्ष मोर्चा श्रमिकों के समूह, ट्रेड यूनियनों, संगठनों और व्यक्तियों का एक राष्ट्रीय मंच है। इसने कहा, “13 राज्यों आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के हजारों नरेगा कर्मी ‘काम दो अभियान’ चला रहे हैं और प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही मनरेगा भुगतान करने में केंद्र सरकार द्वारा कानून के घोर उल्लंघन के खिलाफ रैली और जनसभाएं भी आयोजित की जा रही हैं।”

विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि, “वित्तीय वर्ष 2022 के लिए केंद्र से लगभग 2800 करोड़ रुपये और पिछले वित्त वर्ष से लगभग 1984 करोड़ रुपये लंबित हैं। देश भर में नरेगा मजदूरी दर में औसतन 4.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशन भोगियों को 31 प्रतिशत का महंगाई भत्ता (डीए) मिलता है। पहले पांच महीनों में बजट का 77 फीसदी खर्च किया गया था।”

इन सारे मुद्दों को उठाने के लिए पिछले महीने 14 राज्यों के करीब 600 नरेगा कार्यकर्ता और उनके समर्थक नरेगा संघर्ष मोर्चा के बैनर तले 2 से 4 अगस्त तक जंतर-मंतर पर जमा हुए थे। उस दौरान मनरेगा मजदूरों ने आगे लंबे आंदोलन की चेतावनी देते हुए सरकार से जल्द उनकी मांगों पर विचार करने की मांग की थी।



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