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अशासकीय विद्यालयों द्वारा मान्यता संबंधी नियमों की अनदेखी, समिति के बिना अनुमोदन व विद्यालयीन शुल्क में 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि संबंधी प्रकरणों में की जाएगी कड़ी कार्यवाही


244 अशासकीय विद्यालयों में आरटीई के तहत दिए गए प्रवेश, मान्यता एवं शुल्क निर्धारण संबंधी दस्तावेजों का हुआ द्वारा सघन परीक्षण

फीस नियमन समिति के बिना अनुमोदन तथा 8 प्रतिशत से अधिक विद्यालयीन शुल्क में वृद्धि करने पर होगी कड़ी कार्यवाही

रायगढ़,  कलेक्टर भीम सिंह के निर्देशन व जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ आर.पी.आदित्य के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस अधिनियम 2020 के तहत अशासकीय विद्यालयों के द्वारा सत्र 2022-23 में निर्धारित शुल्क का परीक्षण, आरटीई के तहत दिए गए प्रवेश एवं मान्यता संबंधी दस्तावेजों के परीक्षण हेतु जिला स्तरीय/नोडल अधिकारियों की टीम गठित की गई थी। कलेक्टर श्री सिंह के निर्देशानुसार अशासकीय विद्यालयों द्वारा मान्यता संबंधी नियमों की अनदेखी, समिति के बिना अनुमोदन व विद्यालयीन शुल्क में 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि संबंधी प्रकरणों में कड़ी कार्यवाही की जाएगी। गठित जिला स्तरीय निरीक्षण दल व नोडल अधिकारियों ने निर्दिष्ट 09 विकासखंडों के 244 अशासकीय विद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण कर जांच किया। 09 विकासखंडों के 244 अशासकीय विद्यालयों में हुए आकस्मिक निरीक्षण के दौरान गठित जिला निरीक्षण दल एवं 09 नोडल अधिकारियों ने अशासकीय विद्यालयों द्वारा निर्धारित समय सीमा दिसंबर 2021 के पूर्व व फीस नियमन समिति के अनुमोदन से गत वर्ष 2021-22 की तुलना में कितने प्रतिशत की वृद्धि वर्तमान सत्र 2022-23 में की गई है इस संबंधी दस्तावेजों का परीक्षण करते हुए अशासकीय विद्यालयों में आरटीई के तहत दिए गए प्रवेश संबंधी दस्तावेजों की जांच कर निर्देशानुसार जांच प्रतिवेदन कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी रायगढ़ के मान्यता खंड में प्रस्तुत किया।
उल्लेखनीय है कि जिला स्तरीय निरीक्षण दल/नोडल अधिकारियों ने निर्धारित शुल्क के साथ शाला की मान्यता, विभागीय अनुमति कब से कब तक प्राप्त है तथा इसका उल्लेख सूचना पटल पर अंकित है अथवा नहीं एवं अशासकीय शाला में आरटीई के तहत कितने बच्चों को प्रवेश दिया गया है और सभी बच्चे वर्तमान में शाला में अध्ययनरत हैं अथवा नहीं, स्कूल में गणवेश एवं पुस्तक की सप्लाई कौन करता है आदि विभिन्न निर्दिष्ट बिंदुओं पर जांच कर अपना प्रतिवेदन संबंधित खंड प्रभारी को सौंपा है। विदित हो कि जिले के 09 विकासखंडों के कुल 244 विद्यालय में हुए निरीक्षण के दौरान किसी भी अशासकीय विद्यालयों में अब तक 8 प्रतिशत से अधिक शुल्क की वृद्धि होना नहीं पाया गया। निरीक्षण के द्वारा निरीक्षण दलों द्वारा अशासकीय विद्यालय प्रबंधन को कड़ी ताकिद दी गई है कि भविष्य में फीस नियमन समिति के अनुमोदन नहीं होने, मान्यता संबंधी नियमों की अनदेखी करने अथवा 8 प्रतिशत से अधिक की शुल्क वृद्धि किए जाने पर विभाग द्वारा नियमानुसार कठोर कार्यवाही की जाएगी।
विकास खंडों में निरीक्षण के आंकड़े
जिले के 9 विकास खंडों में अशासकीय स्कूलों में मान्यता, शुल्क वृद्धि व आरटीई के तहत दिए गए प्रवेश संबंधी दस्तावेजों की जांच करने के लिए गठित जिला निरीक्षण दल व 9 नोडल अधिकारी प्राचार्यों द्वारा रायगढ़ के 17, पुसौर के 20, सारंगढ़ के 48, बरमकेला के 38, खरसिया के 18, तमनार के 24, लैलूंगा के 34, धर्मजयगढ़ के 31 व घरघोड़ा के 14 सहित जिले के कुल 244 अशासकीय विद्यालयों का सघन निरीक्षण किया गया।