छत्तीसगढ़

हिमाचल चुनाव: पुरानी पेंशन स्कीम पर नाराजगी और बागियों के तेवरों के साथ ही कांग्रेस के वादों ने उड़ा दी है BJP की नींद



बागियों से भी उड़ी है बीजेपी की नींद

वैसे, बीजेपी के लिए एक बड़ी दिक्कत बागियों का मैदान में होना है। बगावत तो कांग्रेस में भी हुई थी लेकिन वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप से वह अंततः सीमित हो गई। लेकिन, बीजेपी में इसके सुर कुछ ज्यादा ही बिगड़े हुए दिख रहे हैं।

21 विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी प्रत्याशियों के विरोध में बागियों ने भी नामांकन भर दिए। बीजेपीके बड़े नेताओं के हस्तक्षेप के बाद केवल 4 बागी ही मान पाए, जबकि 17 अब भी डटे हुए हैं। बागियों में से कई पूर्व विधायक तो कई पार्टी में अच्छे ओहदे वाले पदाधिकारी भी शामिल हैं। नालागढ़, आनी, सुंदरनगर, मंडी, बंजार, धर्मशाला, बड़सर, फतेहपुर, कांगड़ा, इंदौरा, बिलासपुर सदर, हमीरपुर सदर, कुल्लू, किन्नौर, नाचन, मनाली, चंबा सदर ऐसे हलके हैं जहां बागी भाजपा के गणित को बिगाड़ सकते हैं।



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