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हेमंत सोरेन को ED समन पर गरमाया झारखंड का सियासी माहौल, शाम में सत्ताधारी विधायकों की बैठक, कल JMM की रैली



झारखंड मुक्ति मोर्चा ने ईडी द्वारा मुख्यमंत्री सोरेन को समन भेजे जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने की साजिश बताया। पार्टी ने कहा कि यह केंद्र की बीजेपी सरकार की बदले की राजनीति के तहत हो रहा है।

फोटोः सोशल मीडिया
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सीएम हेमंत सोरेन को ईडी के समन की खबर फैलते ही झारखंड में सियासी माहौल गरम हो उठा है। आज शाम 5 बजे सीएम हाउस में सत्ताधारी गठबंधन के सभी विधायकों और प्रमुख नेताओं की बैठक बुलाई गई है। सभी विधायकों को बैठक में अनिवार्य तौर पर उपस्थित रहने को कहा गया है। इसके अलावा जेएमएम ने गुरुवार को रांची में हल्ला बोल रैली बुलाई है। सीएम हेमंत सोरेन आज साहिबगंज में कई कार्यक्रमों में शिरकत करने के बाद शाम में रांची लौटेंगे।

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने ईडी द्वारा मुख्यमंत्री सोरेन को समन भेजे जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार को अस्थिर करने की साजिश बताया है। पार्टी ने गुरुवार को रांची में हल्ला बोल रैली बुलाई है। माना जा रहा है कि जेएमएम ने इस रैली के जरिए ईडी की कार्रवाई के खिलाफ शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की है।

गौरतलब है कि राज्य में अवैध खनन के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में ईडी ने सीएम हेमंत सोरेन को 3 नवंबर गुरुवार को दिन 11 बजे रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में पूछताछ के लिए हाजिर होने का समन भेजा है। अवैध खनन मामले में ईडी ने बीते मई से अब तक 30 से भी ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी कर एक हजार करोड़ से भी अधिक की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला पकड़ने का दावा किया है। सीएम से पूछताछ के मद्देनजर ईडी ने राज्य पुलिस और सीआरपीएफ को पत्र लिखकर 3 नवंबर को रांची एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी क्षेत्रीय कार्यालय में और उसके बाहर सुरक्षा का उचित प्रबंध करने को कहा है।

इधर, सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय नेता मनोज पांडेय ने कहा है कि यह सब केंद्र की बीजेपी सरकार की बदले की राजनीति के तहत हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर खनन मामले में हेमंत सोरेन को समन किया जा रहा है, तब तो देश में हो रही कई तरह की गड़बड़ियों के लिए प्रधानमंत्री को भी समन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता कि ईडी राज्य के मुख्यमंत्री को समन भेज सकती है या नहीं। इस मामले में निश्चित रूप से हम कानूनी विशेषज्ञों से भी उनकी राय लेंगे। अन्याय की स्थिति में हम न्यायालय भी जायेंगे।

दूसरी तरफ बीजेपी नेताओं ने ईडी के समन का स्वागत किया है। झारखंड बीजेपी अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि जो गलत करेगा, कानून उसे छोड़ेगा नहीं। झारखंड के लोग इस बात से अवगत हैं कि हेमंत सोरेन ने अपने प्रेस सलाहकारों, उनके प्रमुख सहयोगी विधायक पंकज मिश्रा और उनकी पत्नी के नाम पर अवैध खनन का पट्टा लिया है। अगर ईडी मुख्यमंत्री को समन कर रही है तो इसका स्वागत होना चाहिए।

बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने ट्वीट कर कहा कि हेमंत सोरेन देश के ऐसे पहले मुख्यमंत्री बनेंगे जो घपले-घोटाले और लूट के आरोप में मुख्यमंत्री पद पर रहते ईडी के यहां पूछताछ के लिए पेश होंगे। भगवान न करे कि ये जेल से ही राज्य चलाने वाला मुख्यमंत्री का रिकॉर्ड भी झारखंड के नाम कर दें। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा कि, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को अगर ईडी ने बुलाया है तो वह यूं ही नहीं है। इन्होंने पैसे और दौलत की हवस में पूरे राज्य को गुंडे, मवालियों, दलालों, बिचौलियों और मुठठी भर चोर-बेईमान अफसरों के हवाले कर खुद सिर्फ़ लूट का माल बटोरने और खपाने के रास्ते खोजने का काम किया है।




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