अंतराष्ट्रीय

जलवायु शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे किसान संगठनों ने दी वैश्विक खाद्य संकट की चेतावनी, पत्र लिखकर किया आगाह



एशियन फार्मर्स एसोसिएशन फॉर सस्टेनेबल रूरल डेवलपमेंट के महासचिव मा एस्ट्रेला पेनुनिया, जो एशिया में 13 मिलियन किसानों का प्रतिनिधित्व करते हैं, ने कहा, हर साल खाद्य उत्पादन पर सब्सिडी देने के लिए 611 बिलियन डॉलर खर्च किए जाते हैं, इसका अधिकांश हिस्सा औद्योगिक, रासायनिक व गहन कृषि पर खर्च किया जाता है। लेकिन यह नागरिकों व पर्यावरण के लिए हानिकारक है। इसे जारी नहीं रखा जा सकता।

पत्र में कहा गया है कि नेताओं को किसानों की बात सुननी चाहिए और अपने राजनीतिक और वित्तीय ताकत को अधिक विविध, टिकाऊ और सशक्त खाद्य उत्पादन, विशेष रूप से कृषि कृषि, मछली पकड़ने, वानिकी, पशुपालन में बदलाव के पीछे लगाना चाहिए।

34 प्रतिशत कार्बन उत्सर्जन के लिए जिम्मेदार होने के बावजूद, खाद्य और कृषि को जलवायु सम्मेलन में अनदेखा किया जाता है।

पत्र लिखने वाले सरकारों से एक मजबूत, अधिक टिकाऊ और बेहतर खाद्य प्रणाली बनाने के लिए उनके साथ काम करने की अपील करते हैं।

वल्र्ड रूरल फोरम की निदेशक लौरा लोरेंजो ने कहा, जलवायु सम्मेलन में खाद्य और कृषि को दरकिनार कर दिया गया है और छोटे उत्पादकों की चिंताओं को नजरअंदाज कर दिया गया है। लेकिन अगर हमें अगर अपनी प्रणाली को मजबूत बनाना है, तो छोटे किसानों को भी सम्मेलन में स्थान देना होगा और उनकी बात सुननी होगी।



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