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चुनाव 2022: ये हैं हिमाचल प्रदेश की वो ‘खास’ सीटें, जिन्हें लेकर मतदाता ही नहीं राजनीतिक दलों में भी है उत्सुकता



मंडी सदर

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता सुखराम शर्मा की पारंपरिक सीट से वर्तमान में उनके पुत्र अनिल शर्मा विधायक हैं। 4 बार विधायक रहे अनिल शर्मा ने पिछले चुनावों में कांग्रेस छोड़ BJP का दामन थामा था और सरकार में उन्हें उर्जा मंत्री भी बनाया गया था। इस बार मंडी सदर से त्रिकोणीय मुकाबला बना हुआ है। BJP के बागी नेता प्रवीण शर्मा ने यहां BJP की राह मुश्किल कर दी है। वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता कौल सिंह की बेटी चंपा ठाकुर दूसरी बार मैदान में है।

हरोली

कांग्रेस का गढ़ रही हरोली विधानसभा सीट में पिछले चार चुनावों में मुकेश अग्निहोत्री की जीत होती आ रही है। पूर्व में उद्योग मंत्री रहे मुकेश अग्निहोत्री का मुकाबला BJP के रामकुमार से है। राजनीतिक विशलेषक मानते हैं कि कांग्रेस का गढ़ कहे जाने वाली इस सीट पर इस बार भी मुकेश अग्निहोत्री की जनता में अच्छी पकड़ है।

सोलन

सबसे चर्चित विधानसभा क्षेत्रों में से एक सोलन सीट में इस बार भी मुकाबला ससुर और दामाद के बीच है। कांग्रेस की ओर से इस बार एक बार पुनः 82 वर्षीय धनीराम शांडिल को चुनावी मैदान में उतारा गया है। धनीराम शांडिल दो बार सांसद और दो बार विधायक रहने के साथ पूर्व में प्रदेश में कांग्रेस सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। वर्ष 2017 में कर्नल धनीराम शांडिल ने अपने दामाद और BJP प्रत्याशी डॉ राजेश कश्यप को 671 मतों से पटखनी दी थी।

ठियोग

ठियोग विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस का गढ़ रहा है लेकिन पिछली बार यहां से माकपा के प्रत्याशी राकेश सिंघा ने जीत हासिल कर सबको चौंका दिया था। कांग्रेस की बड़ी नेत्री विद्या स्टोक्स यहां से 5 बार विधायक रही हैं। इस बार एक बार फिर यहां चौतरफा मुकाबला देखने को मिल रहा है। यहां पर BJP की ओर से अजय श्याम, कांग्रेस के कुलदीप चौहान, माकपा के राकेश सिंघा और पूर्व में BJP के विधायक की पत्नी इंदू वर्मा के बीच में है।



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