छत्तीसगढ़

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भारत में कृषि, ग्रामीण मजदूरों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक जुलाई में बढ़ा

चावल, गेहूं, बाजरा, दालें, दूध, मछली, प्याज और अन्य वस्तुओं सहित घरेलू और रसोई के सामानों की कीमतों में वृद्धि के कारण जुलाई के महीने में कृषि और ग्रामीण मजदूरों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में वृद्धि हुई। कृषि मजदूरों और ग्रामीण मजदूरों के लिए अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (आधार: 1986-87100) जुलाई, 2022 के महीने के लिए क्रमश: 6 अंक बढ़कर 1131 और 1143 अंक पर पहुंच गया।

केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सूचकांक में वृद्धि अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग रही। खेतिहर मजदूरों के मामले में इसने 20 राज्यों में 1 से 13 अंक की वृद्धि दर्ज की। तमिलनाडु 1301 अंकों के साथ सूचकांक तालिका में शीर्ष पर है जबकि हिमाचल प्रदेश 890 अंकों के साथ सबसे नीचे है। ग्रामीण मजदूरों के मामले में 20 राज्यों में 1 से 13 अंक की वृद्धि दर्ज की गई। तमिलनाडु 1290 अंकों के साथ सूचकांक तालिका में सबसे ऊपर है जबकि हिमाचल प्रदेश 942 अंकों के साथ सबसे नीचे है।



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