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उल्टी दस्त को न लें हल्कें में : समस्या होने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम से तुरंत संपर्क करें लोग :सीएमएचओ डॉ.केशरी


रायगढ़ । बरसात जारी है लेकिन बाढ़ के हालात फिलहाल नहीं हैं। जिन गांवों में पानी घुसा था वहां अब बाढ़ के बाद होने वाली बीमारियों की प्रबल संभावना है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए अपील की है कि लोग साफ-स्वच्छ पानी का इस्तेमाल करें। क्लोरीन टेबलेट का उपयोग करें।

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प्रभावित इलाकों में मितानिन-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर क्लोरीन के टेबलेट और जरूरी दवाओं का वितरण कर दिया गया है। मंगलवार को पुसौर क्षेत्र में सामान्य उल्टी-दस्त से दो लोगों की मृत्यु के बाद से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। मरने वालों में एक 55 वर्षीय जनप्रतिनिधि कैलाश पाइक और एक 36 वर्षीय युवा सुधाकर है। दोनों ही उल्टी दस्त की शिकायत हुई। समीप के निजी अस्पताल गए फिर वहां रायगढ़ के अस्पताल में लाने के दौरान ही दोनों की मौत हो गई।

36 वर्षीय मृतक के भाई महेश्वर सेठ ने बताया कि 24 अगस्त की सुबह उसके भाई सुधाकर को सुबह 3 बजे से उल्टी दस्त शुरू। 3-4 होने के बाद सुबह 8 बजे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया, 11.30 बजे अपराहन उसे उच्च अस्पताल रेफर कर दिया गया जहां अस्पताल पहुंचने पर उसकी गाड़ी में जाच में भाई को मृत बताया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एसएन केशरी ने लोगों से अपील की है “वह उल्टी दस्त को हल्के में न लें। एक ही दिन में दो सामान्य उल्टी दस्त के मरीज की मौत हो गई है। जिन्हें भी उल्टी दस्त की समस्या है वह तुरंत डॉक्टर अथवा स्वास्थ्य विभाग की टीम से संपर्क करें। ओआरएस के घोल लेते रहें और शरीर को डिहाईड्रेट होने से बचाएं। हमारी टीम हर जगह मुस्तैद है। ग्रामीणों में टीम के द्वारा आवश्यक दवाओं का वितरण कर दिया गया है। फिलहाल गांव का एक भी व्यक्ति अस्पताल में भर्ती नहीं है।“

सुधाकर के गांव सुटुपानी के उपसरपंच एमबी गुप्ता ने बताया “गांव और आसपास के इलाके में पुसौर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सुधाकर सेठ के घर एवं पूरे गांव मं उल्टी दस्त के मरीजों की खोज के लिए भ्रमण किया गया जिसमें एक भी मरीज नहीं मिला। पूरे गांव में क्लोरिन की गोली का वितरण कर उसके उपयोग के बारे में बताया गया।मितानिन ने गांव में ओआरएस के पैकेट भी बांटे हैं और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गांव के पानी का सैंपल लिया गया है। फिलहाल गांव में उल्टी दस्त से ग्रसित कोई मरीज नहीं। पंचायत द्वारा भी लोगों को एहतियात बरतने के लिए कहा जा रहा है।“

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बरते जा रहें हैं एहतियात
कलेक्टर रानू के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एसएन केशरी ने खंड चिकित्सा अधिकारियों, डॉक्टर्स समेत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को बाढ़ के बाद होने वाली बीमारियों को लेकर बचाव के लिए समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया ” बाढ़ का पानी कम होने के बाद डायरिया, डेंगू और टायफाइड जैसी बीमारियों का प्रभाव बढ़ जाता है इसलिए यह बीमारियां गंभीर रूप न लें, इसके लिए जरूरी दवाओं को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाया जा चुका है। चूना और ब्लीचिंग छिड़काव हो रहे हैं।”