छत्तीसगढ़

‘किसानों से किसान सम्मान निधि का पैसा वापस ले रहा केंद्र’, कांग्रेस बोली- अन्नदाता को अपमानित करना बंद करे मोदी सरकार



इसके साथ ही अखिलेश प्रताप ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार से अनुरोध किया कि उत्तर प्रदेश को तुरंत सूखा ग्रस्त प्रदेश घोषित करे। क्योंकि इस वर्ष औसत वर्षा से 44 प्रतिशत कम वर्षा अभी तक हुई है। जिस कारण से खरीफ की सभी फसलें सूख गई हैं। इसके साथ ही साथ प्रदेश को सूखाग्रस्त घोषित करने के बाद प्रदेश के समस्त किसानों को उनकी फसलों का मुआवजा तुरंत प्रदान किया जाए। किसानों के समस्त कृषि देय, जैसे- कृषि उपकरण, खाद, बीज, कीटनाशक के लोन पर 6 माह (अगली फसल तक) के लिए ब्याज स्थगित किया जाए। समस्त क्रेडिट कार्ड (केसीसी) किसानों का ब्याज भी स्थगित किया जाए।

कांग्रेस ने कहा कि 2022 के विधानसभा चुनाव के पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने मतों को प्रभावित करने के लिए पात्र कार्डधारकों को मुफ्त खाद्यान्न योजना शुरु की थी, जो अब उत्तर प्रदेश सरकार ने बंद कर दी है। मतलब निकल गया, वोट ले लिया, तो अब मुफ्त का राशन भी बंद। जबकि बेरोजगारी- गरीबी और बढ़ी है। गरीबों की क्रय शक्ति और घटी है। एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि दिहाड़ी मजदूरों की आत्महत्याएं बहुत बढ़ गई हैं, ऐसे समय में मुफ्त राशन योजना को बंद करना, प्रदेश सरकार की स्वार्थ और मतलब की राजनीति को उजागर करता है। अब गरीबों को कांग्रेस की बनाई खाद्य सुरक्षा कानून, जिसके तहत लगभग 67 प्रतिशत लोगों को 2 रुपए किलो गेहूँ और 3 रुपए किलो चावल मिलेंगे। एक कांग्रेस पार्टी ही है, जो गरीबों के हित की स्थाई योजनाएं बनाती है।



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