वारदात

मोरबी पर झूलते विकास और कांग्रेस की ‘खटिया बैठक’ से मोदी-शाह के गढ़ में ही हांफ रही है बीजेपी



गुजरात में 1 और 5 दिसंबर को चुनाव होने हैं। तारीखों की घोषणा कुछ देर से की गई और इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को मौका मिल गया कि वे अंतिम कुछ हफ्तों के दौरान सरकारी खर्चे पर जमकर चुनाव प्रचार कर सकें। पिछले एक माह के दौरान गुजरात की अपनी चार यात्राओं के दौरान अकेले प्रधानमंत्री मोदी ने दो लाख करोड़ के निवेश की घोषणा की। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जो घोषणाएं कीं, जाहिर ही वे इससे अलग हैं। राज्य में हुए पिछले डिफेंस एक्सपो में भी जो निवेश के वादे हुए, वे भी इससे अलग हैं।

लगातार कम हो रही हैं बीजेपी की सीटें

बेशक पिछले तीन विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी की सीटों में लगातार कमी आई है, लेकिन पार्टी किसी भी कीमत पर मोदी-शाह के गृह राज्य को हाथ से निकलने देना नहीं चाहती। इतना ही नहीं, 2017 के पिछले चुनाव में बीजेपी को 182 में से 99 सीटें मिली थीं और अगर इस बार उसकी संख्या इससे नीचे रह गई तो भी वह पार्टी के मुंह पर तमाचे जैसा ही होगा।

अब प्रचार के लिए लगभग चार हफ्ते का समय है और यही उम्मीद की जा सकती है कि बीजेपी और मोदी हर वह कार्ड खेलेंगे, जिसमें उन्हें वोट मिलने की संभावना दिखती हो।



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