छत्तीसगढ़

बंगालः रामकृष्ण मिशन स्कूल ने सरकार के ड्रेस कोड के पालन से किया इनकार, विवाद बढ़ने की आशंका



राज्य शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार नीले और सफेद रंग के नए यूनिफॉर्म कोड के जेब पर बिस्वा बांग्ला होगा। सभी स्कूलों के लिए इस नए यूनिफॉर्म मॉडल के बारे में कई स्कूलों, अधिकारियों, छात्रों और अभिभावकों की आपत्ति थी।

फोटोः IANS
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पश्चिम बंगाल में स्वामी विवेकानंद द्वारा स्थापित रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन- बेलूर मठ द्वारा संचालित एक स्कूल ने छात्रों के लिए राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा लागू नीले-सफेद रंग को ड्रेस कोड के निर्देश का पालन करने से इनकार कर दिया है। पश्चिम मिदनापुर जिले में स्थित रामकृष्ण मिशन विद्याभवन ने इसके बजाय अपने पारंपरिक स्कूल यूनिफॉर्म को ही जारी रखने का फैसला किया है।

रामकृष्ण मिशन विद्याभवन के प्रधानाध्यापक स्वामी जयेशानंद ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि हाल ही में स्कूल को राज्य शिक्षा विभाग से एक संदेश मिला, जिसमें सफेद और नीले संयोजन के नए स्कूल यूनिफॉर्म कोड का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद स्कूल के अधिकारियों ने हावड़ा जिले में रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के मुख्यालय- बेलूर मठ से सुझाव मांगा और उसके बाद अपने पारंपरिक ड्रेस कोड को जारी रखने का फैसला किया।

रिकॉर्ड के अनुसार रामकृष्ण मिशन विद्याभवन के पास स्कूल यूनिफॉर्म के तीन सेट हैं। कक्षा 5 से 8 तक सफेद शॉर्ट्स और पूरी बाजू वाली आसमानी नीली कमीज है। कक्षा 9 से 10 के लिए, पतलून और पूरी बाजू वाली स्काई-ब्लू शर्ट है। कक्षा 11 से 12 तक के लिए काली पतलून और पूरी बाजू वाली स्काई-ब्लू शर्ट है। सर्दियों के दौरान गहरे नीले रंग का स्वेटर होगा। काले जूते, काली बेल्ट और गहरे नीले रंग के मोजे सभी के लिए सामान्य हैं। सभी छात्रों के लिए छाती पर स्कूल का बैज प्रदर्शित करना अनिवार्य है।

मामले में अब तक राज्य शिक्षा विभाग की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। हालांकि, राज्य शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार नीले और सफेद रंग के नए यूनिफॉर्म कोड के जेब पर बिस्वा बांग्ला होगा। सभी स्कूलों के लिए इस नए यूनिफॉर्म मॉडल के बारे में कई स्कूलों, अधिकारियों, छात्रों और अभिभावकों की आपत्ति थी।




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