राष्ट्रीय

राम रहीम की बार-बार पैरोल पर रिहाई का चौतरफा विरोध, बीजेपी सरकार पर खुली मिलीभगत का आरोप



अंशुल छत्रपति इससे इत्तफाक़ नहीं रखते कि इसमें मुख्यमंत्री या जेल मंत्री की कोई भूमिका नहीं है। वह कहते हैं, “आप खुद सोचिए, क्या संभव है कि प्रशासन अपने तौर पर इतना बड़ा कदम उठा ले? सब जानते हैं कि गुरमीत राम रहीम सिंह को भविष्य में फायदे लेने के लिए पैरोल और फरलो के बार-बार छुट्टी दे दी जाती है।”  घटनाक्रम की दूसरी गवाह, अंशुल छत्रपति की बहन भी ठीक ऐसा ही मानती हैं। 

पड़ोसी राज्य पंजाब में भी गुरमीत राम रहीम सिंह को प्रशासन द्वारा पैरोल पर 40 दिन की रिहाई देने का तीखा विरोध हो रहा है।  शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने डेरा मुखिया को पैरोल दिए जाने पर सख्त एतराज जताया है और कहा है कि बीजेपी की सरकारें कातिलों और बलात्कारियों को बार-बार पैरोल दे रही है जबकि बेगुनाह बंदी सिखों को रिहा नहीं किया जा रहा। बगैर किसी ठोस आरोप और सुबूत के आधार पर उन्हें जेलों में बंद किया हुआ है। डेरेदार गुरमीत राम रहीम सिंह को खुश करने के लिए बीजेपी किसी भी हद तक जाने को तैयार है क्योंकि उसके पास कथित तौर पर थोड़ा-बहुत वोट बैंक है।



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