छत्तीसगढ़

बिहार: मौत के बाद ‘अनारकली’ को दी गई सम्मानजनक विदाई, अंतिम यात्रा में शामिल हुआ पूरा गांव



सूर्यमणि सिंह अपने पिता कामेश्वरी सिंह के इकलौते बेटे थे। उन्होंने मेहूस गांव में सुंदर सिंह कॉलेज, पावर ग्रीड, हाई स्कूल और सरकारी अस्पताल के लिए अपनी जमीन सरकार को दान दे दी। सूर्यमणि सिंह के ससुर की इच्छा थी कि बेटी की शादी में अपने दामाद को हाथी गिफ्ट करेंगे।

हथिनी का पार्थिव शरीर जेसीबी की मदद से मिल्कीचक गांव से मेहूस लाया गया है। जहां किसान सूर्यमणि सिंह के हाथीखाना और उनके दलान के बगल में उसका अंतिम संस्कार किया गया।



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