छत्तीसगढ़

जेल से निकलने के बाद संजय राउत बोले- कठिन समय था, मुझे खुद से या जेल की दीवारों से करनी थी बात



न्होंने कहा कि जेल की कोठरी में तीन माह बिताने के बाद वह आश्चर्यचकित हैं कि कैसे विष्णु दामोदर सावरकर ने 10 साल और बाल गंगाधर लोकमान्य तिलक ने छह साल जेल में बिताए, या आपातकाल के दौरान (पूर्व पीएम) अटल बिहारी वाजपेयी दो साल जेल में रहे।

एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए जा रहे राउत ने कहा, जेल की सजा अच्छी नहीं है, मैंने बहुत कुछ सहा है, मेरे परिवार ने भी बहुत कुछ खोया है। किसी को बिना किसी कारण के जेल भेजना गलत है। राउत ने कहा कि उन्हें प्रवर्तन निदेशक (ईडी) या उन लोगों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं है, जिन्होंने उन्हें जेल भेजने की साजिश रची।

राउत ने कहा, मैं प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलूंगा और उन्हें बताऊंगा कि मैं किस दौर से गुजर रहा हूं। मैं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी राज्य के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उनसे मुलाकात करूंगा।

उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और फडणवीस की सरकार ‘असंवैधानिक’ है , लेकिन उन्होंने नई सरकार के कुछ फैसलों का समर्थन किया। राउत ने कहा, राजनीति के स्तर को खराब करने के मामले में मैं फडणवीस के बयान का स्वागत करता हूं।

उन्होंने आगे कहा कि अगर उनका स्वास्थ्य अनुमति देगा तो तो वह राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होंगे।

फायरब्रांड नेता ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी अवैध थी, यह बात विशेष पीएमएलए कोर्ट ने भी बुधवार को अपने फैसले में कही। राउत ने गुरुवार को मीडिया से संक्षिप्त बातचीत करते हुए कहा, उनको छोड़ने से देश में एक स्पष्ट सकारात्मक संदेश गया है, न्यायपालिका में मेरा विश्वास बढ़ा है। राउत को पात्रा चॉल पुनर्विकास मामले से कथित धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया गया था।

अपने फैसले में विशेष न्यायाधीश एमजी देशपांडे ने संजय राउत और उनके करीबी सहयोगी प्रवीण राउत को रिहा करते हुए गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए ईडी को फटकार लगाई।



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