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केलो नदी के जल को बचाने के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वाली पहली आदिवासी महिला सत्य भामा सौंरा की 25 वीं शहादत दिवस 26 जनवरी 2023


“26 जनवरी 1998 की प्रातः जब सारा देश गण तंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व का जश्न मना रहा था वहींं अनशन में बैठी श्रीमती सत्य भामा सौंरा किरोड़ीमल शासकीय अस्पताल में केलो नदी के जल को बचाने के लिये अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।इस नश्वर संसार को अलविदा कहते हुए केलो मैया के नाम रायगढ़ को अमर पैगाम दे गई।”

केलो नदी के जल को बचाने के लिए अपने जीवन का बलिदान देने वाली पहली आदिवासी महिला सत्य भामा सौंरा की 25 वीं शहादत दिवस 26 जनवरी 2023 को रायगढ़ जिले के ग्राम पंचायत गढ़ उमरिया के ग्राम बोंदा टिकरा में अपरान्ह 02.30उनके समाधि स्थल पर ग्राम वासियों एवं जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा द्वारा पुष्पांजलि अर्पित किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिले में औद्योगिकरण की आरंभिक स्थिति में जब जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड के द्वारा औद्योगिक प्रयोजन हेतु केलो नदी के डाउन स्ट्रीम /निचले क्षेत्र ग्राम बोन्दा टिकरा के पास से इनटेक वेल पंप हाउस के जरिये पाइप लाइन बिछाने का ताना -बाना तैयार किया जाने लगा था ,तब गढ़ उमरिया ग्राम पंचायत के लोगों में दहशत और चिंता व्याप्त हो गई।केलो नदी के जल को बचाने ,अपनी खेती और जीविका को बचाने हेतु हजारों लोगों की आम बैठक हुई। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, जननायक रामकुमार अग्रवाल , प्रकाश पंडा (गढ़ उमरिया) , समाजवादी नंदन गुप्ता, पत्रकार संपादक राजकुमार गुप्ता, शशि कांत शर्मा, जयंत बोहिदार, जिले के जागरूक संगठनों ,ग्रामीणों ने केलो नदी के जल को बचाने ,अपनी खेती और जीविका को बचाने हेतु गहन चिंता व्यक्त की।और तब केलो नदी के जल को बचाने के लिए क्रमबद्ध अहिंसक आंदोलन का निर्णय लिया गया।

स्थानीय रामनिवास टॉकीज के चौक पर पहले क्रमिक फिर अनिश्चित कालीन भूख -हड़ताल आरंभ कर दी गयी जिसमें भारी संख्या में लोगों ने भागीदारी की।आमरण अनशन के 05 वे दिवस आंदोलनकारी सत्य भामा सौंरा को प्रशासनिक हस्तक्षेप द्वारा आंदोलन स्थल से उठाकर जबरिया किरोड़ीमल शासकीय चिकित्सालय ले जाकर भर्ती कराया गया । 26 जनवरी 1998 की प्रातः जब सारा देश गण तंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व का जश्न मना रहा था वहींं अस्पताल में भर्ती सत्य भामा ने केलो नदी के जल को बचाने के लिये अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।इस नश्वर संसार को अलविदा कहते हुए केलो मैया के नाम रायगढ़ को अमर पैगाम दे गई।

वैसे जल स्त्रोतों को बचाने के आंदोलन में सक्रिय बहुत सी महिलाएं हैं लेकिन शहादत देने वाली संभवतः भारत में सत्य -भामा सोंरा प्रथम अनुसूचित जनजाति वर्ग की महिला है जिसने प्राकृतिक स्रोतों नदी के जल को बचाने और केलो नदी की रक्षा हेतु अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान कर दिया।

दूसरी तरफ इस आंदोलन को कुचलने के लिए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जननायक रामकुमार अग्रवाल ,साथी नंदन गुप्ता ,साथी जयंत बोहिदार , पत्रकार एवं संपादक राजकुमार गुप्ता, तथा ग्राम पंचायत गढ़ उमरिया के जागरूक संघर्षशील सरपंच श्री प्रकाश पंडा सभी के विरुद्ध फर्जी झूठा अपराध की रिपोर्ट कराई गयीं और उपरोक्त सभी के विरुद्ध भारतीय दंड विधान की धारा -306सह पठित धारा 34 के तहत सत्र प्रकरण लगभग 17 वर्षों तक माननीय सत्र न्यायालय में विचारण उपरांत सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया गया जिसकी पैरवी एडवोकेट बासुदेव शर्मा ने की।

सरकार द्वारा “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाव” अभियान चलाया जा रहा है लेकिन कभी भी इस बलिदानी बेटी की ओर शासन का ध्यान नहीं गया। स्वयं गांव वालो ने उनके निवास स्थान ग्राम बोन्दा टिकरा में एक समान्य सा “समाधि स्थल” बनाया वहां प्रति वर्ष शहादत दिवस 26 जनवरी को श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर पुष्पांजलि अर्पित किया जाता है। वह स्थल ऊबड़ खाबड़, जर्जर , झाड़ी झंखार से भरा पड़ा है।राष्ट्रीय स्तर पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं जनसंगठन के प्रतिनिधि आते है श्रद्धा सुमन अर्पित करते हैं। सर्वश्री पी वी राजगोपाल एकता परिषद,स्व ललित सुरजन,पूर्व तत्कालीन कलेक्टर और समाजिक कार्यकर्ता श्री हर्षमंदर,वाटरमैन राजेंद्र सिंह,नर्मदा बचाओ आंदोलन की सुश्री मेधा पाटकर, स्व लाखन सिंह,नदी घाटी मोर्चा के साथी गौतम बंदोपाध्याय,23 से ज्यादा संगठनों का साझा मंच जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधियों , जननायक रामकुमार अग्रवाल, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व दयाराम ठेठवार आदि सभी ने समाधि स्थल की हालत पर दुख व्यक्त किया तथा शासन से यह अपेक्षा की कि – चार दिवारी(बाउंड्री वॉल),अच्छे गार्डन के साथ समाधि स्तंभ चबूतरा, श्रद्धांजलि सभा स्थल आदि का निर्माण करे। जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा रायगढ़ ने बार बार शासन का ध्यान आकृष्ट कराया पर अभी तक कार्य पूर्ण नहीं हुआ।

विगत 02 वर्षों पूर्व उनके समाधि -स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए पूर्व जिलाध्यक्ष श्री भीमसिंह जिला पंचायत के माननीय अध्यक्ष श्री निराकार पटेल के अनुकरणीय प्रयासों से ₹8,30,000/- ₹ आठ लाख तीस हजार रुपए की धनराशि छ.ग.शासन द्वारा स्वीकृत की गई है ,वह कार्य अधूरा पड़ा हुआ है।ग्राम वासियों को जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत से अपेक्षा है कि शीघ्रतापूर्वक सौंदर्यीकरण का कार्य पूर्ण किया जाये ।

शासन को चाहिए कि ऐसे बलिदानी महिला के चरित्र को शालेय पाठ्य क्रमों में जोड़ा जाए , “बेटी बचाओ बेटी पढ़ाव” अभियान और महिला सशक्तिकरण के आईकॉन के रूप में प्रचारित किया जाना ज्यादा उचित होगा।

जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा के सचिव बासुदेव शर्मा एडवोकेट ने मांग की है की “ऐसी बलिदानी महिला का नाम गिनीज बुक वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाना सद्भाविक, मानवीय सार्थक पहल होगी, जिससे समूचे राष्ट्र का मान सम्मान बढ़ेगा और आने वाली पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास से अवगत हो सकेगी।”

यही शहीद सत्यभामा सौंरा के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि भी होगी।

Ganesh 24

गणेश कछवाहा
जिला बचाओ संघर्ष मोर्चा
रायगढ़ छत्तीसगढ़।